रायपुर 27 नवंबर 2023। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को सोमवार के रूप में देखा जा रहा है। इस दिन कृत्तिका नक्षत्र और शिव योग का संयोग है। अच्छा समय का चयन करने के लिए इस दिन अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 47 मिनट से 12 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। राहुकाल सुबह 08:14 से 09:32 मिनट तक रहेगा। चंद्रमा वृषभ राशि में स्थित होगा।
हिंदू पंचांग, जिसे वैदिक पंचांग भी कहा जाता है, समय और काल की सटीक गणना करने के लिए उपयोग होता है। इसमें पांच मुख्य अंग होते हैं – तिथि, नक्षत्र, वार, योग, और करण। इसके अंतर्गत हम दैनिक पंचांग में शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदूमास, और पक्ष आदि की जानकारी प्रदान करते हैं।
मुख्य तिथियां:
- पूर्णिमा: 14:49 तक
- कृत्तिका नक्षत्र: 13:36 तक
मुख्य करण:
- प्रथम करण:
- बावा: 14:49 तक
- द्वितीय करण:
- बालवा: 26:23 तक
मुख्य विवरण:
- पक्ष: शुक्ल
- वार: सोमवार
- योग: शिव, 23:33 तक
- सूर्योदय: 06:56
- सूर्यास्त: 17:19
- चंद्रमा: वृषभ
- राहुकाल: 08:14 – 09:32
अन्य महत्वपूर्ण जानकारी:
- विक्रमी संवत्: 2080
- शक सम्वत: 1944
- मास: कार्तिक
- शुभ मुहूर्त (अभिजीत): 11:47 – 12:29
पंचांग के पांच अंग:
- तिथि
- नक्षत्र
- वार
- योग
- करण
तिथियां हिंदू काल गणना के अनुसार होती हैं और इन्हें ‘चन्द्र रेखांक’ को ‘सूर्य रेखांक’ से 12 अंश ऊपर जाने के लिए जो समय लगता है, वह तिथि कहलाती है। हर मास में तीस तिथियां होती हैं, जो दो पक्षों में विभाजित होती हैं। शुक्ल पक्ष की आखिरी तिथि को पूर्णिमा और कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि अमावस्या कहलाती है।
इस पंचांग में नक्षत्र का भी वर्णन है, जिसे आकाश मंडल में एक तारा समूह कहा जाता है। वार, योग, और करण के अंगों का भी महत्वपूर्ण विवरण है, जो शुभ मुहूर्तों और गतिविधियों का संचय करते हैं।










