महाशिवरात्रि का महापर्व शनिवार 18 फरवरी को है। इस दिन भगवान शिव-माता पार्वती की पूजा होती है। इस बार कई साल बाद शिव पूजा का अद्भूत संयोग बना है। पढ़ें महत्वपूर्ण जानकारी:
महाशिवरात्रि पर करें रात्रि जागरण
महाशिवरात्रि पर दिनभर शिवजी की पूजा की जाती है वहीं प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के बाद रात और दिन के बीच का समय पूजा के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार इस समय की गई पूजा से भगवान शिव बहुत जल्द प्रसन्न हो जाते हैं वहीं इसके बाद रातभर जागरण कर के रात के चारों प्रहर में पूजा करने से शिवजी सारी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
आज मनाई जा रही है महाशिवरात्रि, जानें इस दिन का महत्व
शिव भक्तों के लिए महाशिवरात्रि बहुत महत्वपूर्ण त्योहार है। आज के दिन शंकर भगवान के लिए व्रत रख उनकी खास पूजा-अर्चना की जाती है। महिलाओं के लिए महाशिवरात्रि का व्रत बेहद ही फलदायी माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार आज के दिन भोलेनाथ का विवाह माता पार्वती से हुआ था. ऐसी मान्यता है कि महाशिवरात्रि का व्रत रखने से अविवाहित महिलाओं का विवाह जल्दी होता है. वहीं, विवाहित महिलाएं अपने पति के सुखी जीवन के लिए महाशिवरात्रि का व्रत रखती हैं।
सरल विधि से करें आज भोलेनाथ की पूजा
शिवजी की पूजा के लिए बहुत लंबे चौड़े पूजा-पाठ, हवन-अनुष्ठान की आवश्यकता नहीं है। भोले भंडारी शिव तो श्रद्धापूर्वर केवल शिवलिंग पर शुद्ध जल और बिल्वपत्र अर्पित कर ऊँ नमः शिवाय का जाप करने मात्र से ही प्रसन्न हो जाते हैं। भक्त में विश्वास, श्रद्धा और निष्ठा हो तो कामनाएं शीघ्र पूरी हो जाती है और महाशिवरात्रि तो सिद्धिदायक समय है क्योंकि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को चन्द्रमा-सूर्य के समीप होते हैं। इस कारण इस समय जीवन रूपी चन्द्रमा का शिव रूपी सूर्य के साथ योग-मिलन होता है, जो सिद्धि प्रदान करता है।
एक नहीं बन रहे हैं आज कई शुभ योग
पंडित सुरेश श्रीमाली के अनुसार इस बार महाशिवरात्रि पर वर्षों बाद दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। इस साल महाशिवरात्रि के दिन ही शनि प्रदोष व्रत भी है। शनि प्रदोष व्रत पुत्र प्राप्ति के लिए किया जाता है। साथ इस दिन वाशी योग, सुनफा योग, शंख योग और शाम 5 बजकर 41 मिनट के बाद सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है. इन शुभ योगों में किए गए पूजा-पाठ और कार्यों का कई गुना अधिक फल मिलता है।










